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Monday, December 12, 2011

आम आदमी जबसे...

आम आदमी जबसे बेलगाम होने लगा,
जूता चप्पल है तब से आम होने लगा|
सिंह पुत्र आखिर क्यों चुप रहे मानस,
देशद्रोहियों का खास इंतजाम होने लगा||

Saturday, December 10, 2011

इनके Sense का सर...

इनके Sense का 'सर' नहीं है,
हमें अब ज़रा भी डर नहीं है|
ये स्वतंत्र विचारों का मंच है 'सिब्बल साहब'!
आपके बाप का घर नहीं है||