Showing posts with label holi. Show all posts
Showing posts with label holi. Show all posts

Wednesday, March 7, 2012

रंगों का है दौर...

उनके अपने रंग हैं, मेरे हैं कुछ और,
रंगों से क्या शर्मना है, रंगों का है दौर|
रंग नहीं गर जीवन में, फिर काहे की होली?
जितने 'अपने' उतने गाढ़े रंग, बस इतना करना गौर||

Sunday, March 20, 2011

मत पूछो आज...






मत पूछो आज मेरा क्या हाल था,


सर पीला, मुँह नीला और हाथ लाल था|


इस कदर पोता था यारों ने मुझे,


Make-Up भी मेरा गुरु बेमिसाल था|