आज अपने १९ वें जन्मदिन पर बताना चाहता हूँ की आखिर, कवियों के लिए जन्मदिन का क्या महत्त्व है? पेश है ये रचना-
हम तो अक्सर ही जन्मदिन मनाया करते हैं,
मंच को ही Cake सम सजाया करते हैं|
संचालक जब मंच पर करते हैं आमंत्रित,
हंसी-खुशी बराबर से बटवाया करते हैं|
आपकी मुस्कान, क्या इतना Gift कम है,
जुड़ते हैं जो दिल से , Return Gift पाया करते हैं|
सिर्फ चकाचौंध, दावत ही जन्मदिन नहीं है 'मानस',
मीठे एक सन्देश के साथ 'कवि-धर्म' निभाया करते हैं||
१९ वर्ष की पूर्ती के साथ हमारा 'कैशोर्य काल' तो पूर्ण हुआ| तो इस नवजवान साथी का सन्देश तमाम युवा साथियों के लिए -