Thursday, April 5, 2012

परीक्षा ज़रूरी है...

मंज़िल को पाने की इच्छा ज़रूरी है,
मस्ती के साथ में शिक्षा ज़रूरी है|
अगले पड़ाव के लिए तैयार हैं कितना?
इसीलिए समय-समय पर परीक्षा ज़रूरी है||

Sunday, April 1, 2012

Fool करने के लिए...

कोई 'पीछे देखो छिपकली...' कह कर डराता है,
कोई Surprise Party का बहाना बनाता है|
एक Fool दूसरे Fool को, Fool करने के लिए,
इससे भी Fool कोई Idea अपनाता है||


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Fool तो वो है, जो Fool होकर फूल जाता है,
उसे कदम-कदम पर Fool बनाया गया, यही भूल जाता है|
इसलिए मित्र, १ अप्रैल Fool-फूल के बीच मत बेकार करो,
कुछ ऐसा करो फूल सा खिले हर कोई, अपने सपने साकार करो||

Sunday, March 11, 2012

"नेताजी की होली"

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Wednesday, March 7, 2012

रंगों का है दौर...

उनके अपने रंग हैं, मेरे हैं कुछ और,
रंगों से क्या शर्मना है, रंगों का है दौर|
रंग नहीं गर जीवन में, फिर काहे की होली?
जितने 'अपने' उतने गाढ़े रंग, बस इतना करना गौर||

Tuesday, February 14, 2012

Valentine's Day की कथा सुन बोले प्रभु श्री राम...

Valentine's Day की कथा सुन बोले प्रभु श्री राम,
मनुजा तेरी इस कहानी में दीखता नहीं है धाम|
७ दिन में ७० करम फिर भी Guarantee नहीं!
एक धनुष ही तोड़ किया भाइयों तक का इंतज़ाम||



४ पंक्तियाँ प्रेम पर, इस 'अंतराष्ट्रीय पर्व' के नाम| किताबों की दुनिया से घिरा हूँ, तो वहीँ से कुछ पंक्तियाँ निकाल कर लाया हूँ-



दिल की किताबों के उड़ने लगे पन्ने,
Cover पे तुमको देख जुड़ने लगे पन्ने|
पढ़ना शुरू किया तो पढता ही रहा ,
बहने लगीं हवाएं तो मुड़ने लगे पन्ने||



प्रेम अमर होता है| आज के युग में सच्चा प्रेम पाना लगभग नामुमकिन सा है|  प्रेम से जुडी मेरी अन्य रचनायें इस लिंक पर पढ़ें-



http://manaskhatri.wordpress.com/tag/love/